Sunday, July 5, 2020
Home विचार प्रवाह

विचार प्रवाह

    प्रारब्ध पहले रचा, पीछे रचा शरीर

    प्रारब्ध पहले रचा, पीछे रचा शरीर।तुलसी चिंता क्यों करे, भज ले श्री रघुबीर।।महान वैज्ञानिक सर आइजक न्यूटन को दुनिया भले ही कार्यकारिणी नियम का...

    कर्म बनते हैं भाग्य का आधार

    सुख और दुख सिक्के के दो पहलू की तरह जीवन के अनिवार्य दो अंग हैं। इस पर बड़ी बहस की जा सकती है कि...

    आलोचना से निखरता है व्यक्तित्व

    कबीरदास ने बड़ी अच्छी बात कही थी- निंदक नियरे राखिये आंगन कुटी छबाय। बिन पानी साबुन बिना निरमल करै सुभाय। वास्तव में यह पंक्ति...

    संघर्ष का स्वागत करों, वह तपाता है और निखारता है (विचार प्रवाह)

    लगभग हर मनुष्य को ईश्वर से ढेर सारी शिकायत और अपेक्षा रहती है। उसे लगता है कि जो उसे मिलना चाहए वह नहीं मिल...

    नए रूप-रंग की तैयारी

    ब्लॉग को और बेहतर बनाने तथा इसकी तकनीकी समस्याओं को दूर करने के क्रम में पाठकों और तकनीकी विशेषज्ञों से कुछ और सुझाव मिले...

    Stay connected

    20,124FansLike
    2,242FollowersFollow
    14,700SubscribersSubscribe
    - Advertisement -

    Latest article

    Story

    बिना अध्यात्म के जीवन निरर्थक, समर्पण से मिलते हैं ईश्वर

    लोग अक्सर छोटी-छोटी समस्याओं मेंं उलझ कर जीवन के मूल मुद्दे से भटक जाते हैं। मेरा, तेरा, अपना, पराया के चक्कर मेंं जीवन अधूरा...
    Rishi

    बोध कथा : सतर्क रहें, कभी भी भटक सकता है मन

    मोह में फंसकर भरत ऋषि बने हिरण काम, क्रोध, लोभ और मोह इतने खतरनाक हैं कि बड़े-बड़े ऋषि मुनि इसके चक्कर में पड़कर भटक गए।...
    Horoscope

    राशिफल 29 जुलाई : जानिये क्या कहती है आपकी राशि….

                            29 जुलाई का पंचांग सोमवार, श्रावण मास कृष्णपक्ष। तिथि- द्वादशी शाम के 05:09...