क्या रावण जिंदा हो सकता है, श्रीलंका में है ममी?

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क्या रावण जिंदा हो सकता है, दावा-श्रीलंका में है ममी
प्रतीकात्मक चित्र

can ravan be alive : क्या रावण जिंदा हो सकता है? दावा किया जाता है कि श्रीलंका में उसकी ममी है। उसे विशिष्ट लेप से सुरक्षित रखा गया है। उसके अनुयायियों के अनुसार वह एक दिन अवश्य जिंदा होगा। लंकापति रावण को लेकर कई मिथक हैं। उन्हीं में से एक मान्यता यह भी है। कई लोगों ने इस पर खोज की है। इसे प्रामाणिक साबित करने की कोशिश की है। उन्हीं खोजी दलों में से कुछ ने उक्त दावा किया है। उनके अनुसार ममी श्रीलंका में है। उन्होंने ममी स्थल को ढूंढने का भी दावा किया है। टीम ने रावण से जुड़े 50 स्थान ढूंढ़े हैं। उन सभी का पौराणिक महत्व है। हालांकि ऊपर के दावे में कितनी सच्चाई है, इसे वैज्ञानिक रूप से बिना जांच-पड़ताल के बाद ही कहा जा सकेगा। लेकिन इसमें दो राय नहीं कि इस चर्चा पर विश्वास करने वाले लोगों की भी कमी नहीं है।

दावा-दाह संस्कार न कर शव को ममी के रूप में रखा गया

अनुयायियों की मान्यता है कि मौत के बाद रावण का अंतिम संस्कार नहीं किया गया था। उसके शव को वफादार सैनिक लेकर भाग खड़े हुए थे। उन्होंने शव को ममी के रूप में सुरक्षित रख लिया। उनका विश्वास था कि भविष्य में रावण जिंदा हो जाएगा। माना जाता है कि श्रीलंका के रैगला के जंगल ही वह स्थान है। वहीं एक विशालकाय पहाड़ी पर रावण की गुफा है। वहां रावण ने घोर तपस्या की थी। उसी गुफा में आज भी उसका शव सुरक्षित रखा हुआ है। रैगला के घने जंगलों और गुफाओं में कोई नहीं जाता है। वहां जंगली और खूंखार जानवरों का बसेरा है। मान्यता के अनुसार भयानक नाग भी रावण के शव की रखवाली करते हैं।

खास लेप के कारण जस का तस है रावण का शव

मान्यता के अनुसार रैगला के इलाके में है रावण की गुफा। वहां वह आठ हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित है। उसी में 17 फुट लंबे ताबूत में रावण का शव रखा गया है। ताबूत के चारों तरफ एक खास लेप लगा है। लेप के कारण यह ताबूत हजारों सालों से जस का तस है। अनुयायी दाह संस्कार की बात को सिरे से खारिज करते हैं। उनका कहना है कि उस समय शैव संप्रदाय में समाधि देने की रस्म थी। रावण शैवपंथी था। यह भी मान्यता है कि ममी के नीचे रावण का खजाना दबा हुआ है। क्या रावण जिंदा हो सकता है के दावे की पुष्टि के लिए अभी इंतजार करना होगा। हां, जिन्हें खोज का काम पसंद हो, वे इस दिशा में खुद पहल कर सकते हैं।

साभार-आनंद कुमार सिंह

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