मौजूदा संकट के समय में इन मंत्रों का करें जप

162
मौजूदा संकट के समय में इन मंत्रों का करें जप
मौजूदा संकट के समय में इन मंत्रों का करें जप।

Chant these mantras in current crisis : मौजूदा संकट के समय में इन मंत्रों का जप करें। इससे न सिर्फ हर तरह की राहत मिलेगी, बल्कि आप और मजबूत बनकर निखरेंगे। कोरोना को हराने के अभियान के क्रम में पिछले अंक में आपने सकारात्मक रहने के बारे में पढ़ा। इस अंक में पढ़ें कि मंत्र किस तरह से आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। वह संकट की इस घड़ी को पार करने में वह अत्यंत मददगार है। नियमित जप करने पर संकट तो टलेगा ही आप अधिक अधिक मजबूत होकर निखरेंगे। जप के साथ ही पिछले अंक में दी गई जानकारी के अनुसार सकारात्मक क्रियाएं- प्रार्थना, योग, ध्यान, प्राणायाम आदि भी करते रहें।

मंत्रों के जप का महत्व

सामान्य बातचीत में भी अलग-अलग शब्दों (ध्वनि तरंगों) का प्रभाव सामने वालों पर पड़ता है। मंत्र जप में ध्वनि तरंगें निकलती है। ये तरंगें जप करने वाले, उसके आसपास के माहौल और अंततः ब्रह्मांड को प्रभावित करते हैं। इसका पहला असर जप करने वाले के अंतःकरण पर पड़ता है। शरीर में सकारात्मक बदलाव होने लगते हैं। आत्मिक बल बढ़ने लगता है। साथ ही प्रकृति और मंत्र के देवता उससे प्रभावित होते हैं। परिणामस्वरूप जप करने वाले के भौतिक और आध्यात्मिक लक्ष्य का मार्ग प्रशस्त होता है। उनकी प्राप्ति होती है। यह पूर्णतः वैज्ञानिक प्रक्रिया है। चूंकि हर मंत्र की तरंगें भी अलग-अलग हैं। अतः उनका प्रभाव भी अलग ही होता है। यूं तो मंत्र हर हाल में उपयोगी होते हैं। लेकिन मौजूदा संकट के समय को देखते हुए कुछ मंत्र बेहद उपयोगी हैं। नीचे उनमें से कुछ प्रमुख मंत्रों को दे रहा हूं। सुविधानुसार उनमें से किसी एक या अधिक मंत्र का जप अवश्य करें।

चतुर्दिक शांति और विकास के लिए ऊं

खुद को स्वस्थ रखने के लिए इन दिनों रोज ऊं का कम से कम 20 मिनट जप करें। यह मन में सकारात्मक भाव जगाने के साथ ही चित्त को शांत करता है। इससे शरीर में उच्च तरंगें बनती हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ ही ऊर्जा का स्तर भी बढ़ाती हैं। वैज्ञानिक शोध से स्पष्ट हो चुका है कि सुबह-शाम ऊं के 10-10 मिनट के जप से ही जो तरंगें उत्पन्न होती हैं, उससे तत्काल शरीर में आक्सीजन का प्रवाह बढ़ जाता है। तनाव दूर होता है। साथ ही मस्तिष्क संबंधी बीमारियां दूर होती हैं। इसके नियमित जप से पूरे शरीर को जबरदस्त फायदा मिलता है। यहां तक की उम्र भी बढ़ जाती है। सामान्य दिनों में भी ऊं का नियमित जप अत्यंत कल्याणकारी होता है। इसका निष्ठापूर्वक नियमित जप करने वाले को कभी कोई संकट छू तक नहीं सकता है। मौजूदा संकट के समय इसे आवश्यक मानें।

यह भी पढ़ें- हर समस्या का है समाधान, हमसे करें संपर्क

महामृत्युंजय से मिलेगी अकाल मृत्यु से सुरक्षा

महाकाल को प्रसन्न करें महामृत्युंजय मंत्र से।
महाकाल को प्रसन्न करें महामृत्युंजय मंत्र से।

मौजूदा दौर में अकाल मृत्यु का भय लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। उससे मुक्ति के लिए महामृत्युंजय मंत्र बेजोड़ है। इसका जप करने वाले को यमराज भी नहीं छू सकते हैं। जरूरत है कि निष्ठा और नियमपूर्वक जप हो। मैंने कई लोगों को देखा है जो इसका जप कराकर निराश होते हैं और मंत्र को बेकार कहते हैं। उन्हें मैं स्पष्ट कर दूं कि मंत्र रामबाण है। इसमें समस्या यह होती है कि यह बड़ा और कठिन मंत्र है। इसके जप में बहुत अधिक मेहनत लगती है। लोग आमतौर पर लोग पैसे बचाने के लिए किसी भी पंडित को कम पैसे देकर जप कराते हैं। जाहिर है कि जो कम पैसे में जप करने के लिए तैयार होगा वह या तो बेहद मजबूर होगा या जप में ईमानदारी नहीं दिखाएगा। दोनों ही स्थिति इसे कराने वाले के मकसद को पूरा नहीं करा सकती है। ऐसे में सर्वोत्तम यही है कि खुद नियमपूर्वक जप करें।

दुर्गा सप्तशती के कामना मंत्र

दुर्गा सप्तशती कामना पूर्ति के लिए अमोघ है। इसमें कई मंत्र हैं। मौजूदा संकट के समय उनमें से किसी का भी जप अत्यंत कल्याणकारी है। माता की नियमित पूजा और प्रार्थना करने वाला हर संकट से मुक्त रहता है और अंत में उन्हीं के धाम चला जता है। दुर्गा सप्तशती के कुछ प्रमुख मंत्र नीचे दे रहा हूं।

1-सर्वाबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि।

एवमेव त्वया कार्यमस्मद्दैरिविनाशनम्।

2-रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान सकलान भिष्टान

त्वमाश्रितानां न विपन्नारानां त्वमाश्रिता हास्रयतां प्रयांति।

3-सर्वा बाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः

मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः।।

4-शरणागत-दीनार्त-परित्राण-परायणे!

सर्वस्यार्तिंहरे देवि! नारायणि! नमोऽस्तुते

5-सर्व मंगलं मांगल्ये शिवे सर्वाथ साधिके।

शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुऽते।

कुछ अन्य उपयोगी मंत्र

ऊपर के मंत्रों के साथ ही कुछ अन्य मंत्र भी मौजूदा संकट के समय में उपयोगी हैं। इनमें संकट मोचक हनुमान की उपासना भी शामिल है। हनुमान चालीसा, बजरंग बाण तो उपयोगी हैं ही उसके कामना मंत्र भी अत्यंत उपयोगी है। सूर्य को स्वास्थ्य और ऊर्जा का देवता माना जाता है। उन्हें अर्घ्य चढ़ाना, उनके मंत्र का जप और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ के भी चमत्कारिक फायदे हैं। इस समय गायत्री मंत्र का महत्व भी बहुत ज्यादा है। इसके भी व्यापक फायदे हैं। इस तनाव के समय में मानसिक स्थिरता और शांति सबसे जरूरी है। इसके लिए चंद्रमा का मंत्र जप कारगर होता है। सोम सोमाय नमः का प्रतिदिन 108 बार जप करने से मनःस्थिति नियंत्रित एवं शांत रहती है।

यह भी पढ़ें- नौ ग्रहों के प्रभाव और बीमारियों से संबंध जानें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here