साधना और सिद्धि का बड़ा अवसर है मकर संक्रांति

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ग्रह और वास्तु दोष को मामूली उपायों से सुधारें
ग्रह और वास्तु दोष को मामूली उपायों से सुधारें।

Make sankranti is a great opportunity for meditation and accomplishment : साधना और सिद्धि का बड़ा अवसर है मकर संक्रांति। यह आने ही वाला है। यदि आप भी इसका फायदा उठाना चाहते हैं तो तैयार हो जाएं। इसी दिन गंगा नदी सागर से जाकर मिली थीं। इसके साथ ही सूर्य के उत्तरायण होने से यह देवताओं का दिन माना जाता है। इस मौके पर शुभ कार्य का फल शीघ्र मिलता है। इसलिए इस पर्व को काफी शुभ माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन जप, तप, दान, स्नान, आदि का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस अवसर पर किया गया कार्य सौ गुना बढ़ कर प्राप्त होता है। इसलिए साधना और सिद्धि के लिए भी उपयुक्त है।

स्नान और दान का बहुत ज्यादा महत्व

इस दिन स्नान-दान अत्यंत शुभ व फल देने वाला होता है। मकर संक्रांति पर संगम एवं गंगासागर में स्नान को महास्नान की संज्ञा दी गयी है। सूर्य तो सभी राशियों को प्रभावित करते हैं। कर्क व मकर राशियों में सूर्य का प्रवेश फलदायक है। इसे संक्रमण भी कहा जाता है। यह संक्रमण छह-छह माह पर होता है। इसी दिन से दिन बड़ा होने लगता है। जाहिर है कि रातें छोटी होने लगती हैं। रात छोटी और दिन बड़ा होने से अंधकार कम और प्रकाश अधिक मिलता है। इस कारण मकर संक्रांति को अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होने का पर्व भी कह सकते हैं। भीष्म पितामह ने देह त्यागने के लिये मकर संक्रांति का ही चयन किया था। इसलिए इसे साधना और सिद्धि का भी शानदार मौका माना जाता है।

ऐसे करें मंत्र सिद्ध व साधना

इस दिन किसी भी मंत्र का जप कल्याणकारी होता है। अंत पहले मंत्र का चयन कर लें। उसका दो तरह से जप कर सकते हैं। पहले में पूरे संक्रांति काल में जप करें। यह अत्यंत लाभदायक है। यदि सिद्धि करना चाहें तो मंत्र साधना की शुरुआत इसी दिन से करें। अर्थात जप तय संख्या में ही करें। सिर्फ उसे इसी दिन से शुरू करें। यह दिन बहुत अच्छा होता है। अतः मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं पड़ती है। कम जप संख्या वाले मंत्र को इतने समय में पूरा कर सकते हैं। इसके इसकी ताकत बहुत बढ़ जाएगी। इसका प्रभाव भी बढ़ जाएगा। शाबर मंत्र को दिन भर ही जप कर लें। इतने से ही प्रयोग के अधिकारी हो जाएंगे। स्वयंसिद्ध मंत्र दिन भर में ही रिचार्ज हो जाएगा। साथ ही आप प्रयोग के पात्र हो जाएंगे। इस तरह मंत्रों की साधना और सिद्धि का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा

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