धन प्राप्ति और रोग नाश के लिए रामबाण हैं ये मंत्र

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धन प्राप्ति और रोग नाश के लिए रामबाण हैं ये मंत्र
धन प्राप्ति और रोग नाश के लिए रामबाण हैं ये मंत्र।

Mantras for getting wealth and destroying disease : धन प्राप्ति और रोग नाश के लिए रामबाण हैं ये मंत्र। आप जानते ही हैं कि मंत्रों में असीमित शक्तियां निहित हैं। हर मंत्र भले एक-दूसरे से जुड़े नजर आते हों पर अपने आप में पूर्ण होते हैं। यदि गुरु मिले तो सर्वोत्तम, अन्यथा खुद भी शुद्ध हो कर शुभ मुहूर्त में संकल्प लेकर मनोयोग से मंत्र का जप प्रारंभ करें। मंत्र को सिद्ध करने के लिए संबंधित देवी के यंत्र को भी शामिल कर लें। यंत्र को सामने स्थापित कर पूजन करने के उपरांत साधना प्रारम्भ करें। इससे सफलता निश्चित मिलेगी। मंत्र से थोड़े कम लेकिन यंत्र और टोटके भी प्रभावशाली होते हैं। वे लक्ष्य प्राप्ति में सहायक बनते हैं। जानें धन प्राप्ति और रोग नाश के लिए मंत्र और कुछ और खास मंत्र व टोटकों के बारे में।

धन प्राप्ति के अचूक मंत्र व उपाय

1-शनिवार के दिन पीपल का एक पत्ता तोड़कर उसे गंगाजल से धो लें। उस पर हल्दी तथा दही के घोल से अपने दाएं हाथ की अनामिका अंगुली से ह्रीं लिखें। इसके बाद इस पत्ते को धूप-दीप दिखाकर अपने बटुए में रखे लें। प्रत्येक शनिवार को पूजा के साथ वह पत्ता बदलते रहें। इस उपाय से आपका बटुआ कभी धन से खाली नहीं होगा। पुराना पत्ता किसी पवित्र स्थान पर ही रखें।

2-काली मिर्च के पांच दाने अपने सिर पर से सात बार उतारें। फिर चार दाने चारों दिशाओं में फेंक दें। पांचवें दाने को आकाश की ओर उछाल दें। यह टोटका करने से आकस्मिक धन लाभ होगा। अचानक धन प्राप्ति के लिए सोमवार को श्मशान में स्थित महादेव मंदिर जाकर दूध में शुद्ध शहद मिलाकर चढ़ाएं। अगर धन जमा नहीं हो रहा तो तिजोरी में लाल वस्त्र बिछाएं। तिजोरी में गुंजा के बीज रखने से भी धन की प्राप्ति होती है। जिस घर में प्रतिदिन श्रीसूक्त का पाठ होता है, वहां लक्ष्मी अवश्य निवास करती हैं।

किसी भी प्रकार के रोगों को झाड़ने का मंत्र :-

ऊं ऐं श्रीं ह्रीं ह्रीं स्फ्रें ख्फ्रें ह्सौं ह्स्फें ह्सौं ऊँ नमो हनुमते स्फोटकं क्षतज्वरमैकाहिकं द्वयहिकं चातुर्थिकं संततज्वरं सान्निपातिकज्वरं भूतज्वरं मंत्रज्वर-शूल-भगन्दर- मूत्रकृच्छ्र-कपालशूल-कर्णशूला-ऽक्षिशूलोदरशूल-हस्तशूल-पादशूलादीन सर्वव्याधीन् क्षणेन भिन्धि-भिन्धि छिन्दी छिन्दी नाशय नाशय निकृन्तय निकृन्तय छदेय छेदय भेदय भेदय महावीर हनुमान घे घे ह्रीं ह्रीं हूं हूं फट् स्वाहा।

प्रयोग विधि : शनिवार व मंगलवार के दिन श्रीहनुमान जी का ध्यान और प्रणाम कर कुश या चाकू से इस मंत्र को पढ़ते हुए रोगी को झाड़ने से समस्त रोग समूल रूप से नष्ट हो जाते हैं।

भूत-प्रेत आदि समस्त विघ्न बाधाओं को झाड़ने का मंत्र :- 

‘ऊँ ऐं श्रीं ह्रीं ह्रीं स्फ्रें ख्फ्रें ह्सौं ह्स्फें ह्सौं ऊँ नमो हनुमते महाबलपराक्रम मम परस्य च भूत-प्रेत-शिाच-शाकिनी-डाकिनी-यक्षिनी-पुतना-मारी-महामारी-कृत्या-यक्ष-राक्षस-भैरव-वेताल-ग्रह-ब्रहाग्रह-ब्रह्मराक्षसा-दिकजात-क्रूरबाधान क्षणेन हन हन जम्भय जम्भय निरासय निरासय वारय वारय बन्धय बन्धय नुद-नुद सूद-सूद धुनु धुनु मोचय मोचय मामेनं मामेनं च रक्ष रक्ष महामाहेश्वर रुद्रावतार हा्र हा्र हा्र हुं हुं घे घे घे हूं फट् स्वाहा।

प्रयोग विधि : श्री हनुमान जी का ध्यान करें। फिर भूत-प्रेत आदि बाधाग्रस्त रोगी पर उपर्युक्त मंत्र को पढ़ते हुए पीला सरसों का दाना फेकने से सभी बाधाएं शीघ्र दूर होती है।

अति उपयोगी और लाभकारी मंत्र

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