ऐसे करें हनुमान जी को प्रसन्न, पूरी होगी हर मनोकामना

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होनी तो हो के रहे अनहोनी ना होय, जाको राखे साइयां...
होनी तो हो के रहे अनहोनी ना होय, जाको राखे साइयां...।

in this way please hanuman ji : ऐसे करें हनुमान जी को प्रसन्न। पूरी होगी हर मनोकामना। हनुमान जी कलियुग के सबसे प्रभावी देवता हैं। उनकी पूजा भी कठिन नहीं है। आवश्यकता सिर्फ पूरी श्रद्धा और निष्ठा की। उनकी पूजा कई तरह से की जाती है। हर तरीका फल देने वाला है। आइए जानते हैं उनको शीघ्र प्रसन्न करने के उपाय। पहले पूजन विधि और सामग्री के बारे में जानें। उन्हें दो तरह की सामग्रियां चढ़ाई जाती हैं। पहली है भोग सामग्री और दूसरी पूजा सामग्री।

पहले भोग की बात

भोग चढ़ाकर ऐसे करें हनुमान जी को प्रसन्न। इससे उनकी कृपा शीघ्र मिलेगी। आपको मनोवांछित फल भी मिलेगा।

बड़ी परेशानी है तो पान का पत्ता चढ़ाएं

जीवन में कोई बड़ी परेशानी है। कोई कार्य करने में आप सक्षम नहीं है। रास्ता नहीं दिख रहा तो यह जिम्मेदारी संकटमोचन को सौंप दें। इसके लिए मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर में जाएं। सामान्य पूजा-पाठ के बाद उन्हें पान का पत्ता चढ़ाएं। मन में जिम्मेदारी सौंपने का भाव भी हो।

लौंग, इलायची और सुपारी से ऐसे करें हनुमान जी को प्रसन्न

हनुमान जी को लौंग, इलायची और सुपारी भी पसंद है। शनिवार के दिन इन्हें चढ़ाने से शनि का प्रकोप दूर होता है। तेल के दीपक में लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें।  हर तरह के संकट से मुक्ति मिलेगी। साथ ही धन की भी प्राप्ति होगी।

आर्थिक संकट में नारियल मंगल दोष के लिए गुड़-चने चढ़ाएं

आर्थिक संकट में हैं तो चिंता न करें। एक नारियल पर सिंदूर लगाएं। उस पर लाल धागा बांधें। फिर यह नारियल हनुमान जी को अर्पित कर दें। ऐसा कम से कम 11 मंगलवार तक करें। यदि इसी नारियल को लाल कपड़े में राई के साथ लपेटकर घर के दरवाजे पर बांध दिया जाए, तो घर हर प्रकार की नज़र से सुरक्षित रहता है साथ ही तंत्र-मंत्र का असर नहीं होता है। उन्हें गुड़ व चने का प्रसाद चढाने से मंगल दोष मिटता है। हर मंगल व शनिवार को गुड़ व चने का भोग लगाएं। सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी।

रोट या मीठी रोटी के भोग से मनोवांछित फल

हनुमान जी को मंगलवार को रोट या मीठी रोटी का भोग लगाएं। इससे मनवांछित फल मिलता है। गेहूं के आटे में गुड़, इलायची, नारियल का बूरा, घी, दूध आदि मिलाकर रोट बनाया जाता है। कुछ जगह इसे सेंककर रोटी जैसा बनाकर भोग लगाते हैं। कुछ जगह इसे पूरियों की तरह तलकर भोग लगाते हैं। रोट हनुमानजी को अत्यधिक प्रिय है। इसी तरह पंच मेवा का भी भोग अच्छा माना जाता है। इसमें काजू, बादाम, किशमिश, छुआरा व खोपरागिट पंचमेवा के नाम से जाने जाते हैं। इसका भी हनुमान जी को भोग लगाया जाता है। भोग लगाकर ऐसे करें हनुमान जी को प्रसन्न।

पूजन सामग्री के उपयोग से ऐसे करें हनुमान जी को प्रसन्न

पूजा सामग्री के उपयोग से भी ऐसे करें हनुमान जी को प्रसन्न। वे खुश होकर मनचाहा फल देते हैं। पूजन सामग्री का विवरण नीचे है।

कर्ज से छुटकारे के लिए आटे का दीपक

आप कर्ज में डूबे हैं तो आटे से दीपक बनाएं। उसमें चमेली का तेल डालकर उसे पान के पत्ते पर रखकर जलाएं। ऐसे पांच पत्तों पर पांच दीपक रखें। उसे ले जाकर हनुमान जी के मंदिर में अर्पित करें। ऐसा कम से कम 11 मंगलवार तक करें। शनिवार को हनुमान मंदिर में जाकर उन्हें आटे के दीपक दिखाने से शनि की बाधा दूर होती है।

सिंदूर व घी चढ़ाने से बनते हैं बिगड़े काम

मंगल व शनि को हनुमान जी को सिंदूर व घी चढ़ाएं। इससे श्रीराम का आशीर्वाद मिलता है। हर तरह के बिगड़े हुए काम बन जाते हैं। मंगल सिंदूर के साथ चमेली चढ़ाना भी अत्यधिक फायदेमंद होता है। इससे एकाग्रता में वृद्धि होती है और दृष्टि में भी तेज होती है।

चमेली के फूल और तेल के फायदे

चमेली का तेल हनुमान जी को चढ़ाने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं। चमेली के तेल का दीपक और फूल चढ़ाने से हनुमान जी की कृपा से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। किसी भी तरह का बुरा साया नहीं रहता। अगर किसी ने कोई प्रयोग किया है तो उससे भी छुटकारा मिलता है। यदि घर में बीमारी है तो रोज हनुमान जी के समक्ष तीन कोनों वाला दीपक जलाएं। दीपक में चमेली का तेल हो और हनुमान बाहुक का पाठ करें। साथ ही साज्यं च वर्तिसं युक्त वह्निना योजितं मया। दीपं गृहन्तु देवेशास्त्रैलौक्यतिमिरापहम् मंत्र का जाप करें। ये अत्यंत लाभकारी होता है। हनुमानजी के मंदिर में शनिवार रात में चौमुखा दीपक जलाने से हर तरह की परेशानी समाप्त होती है।

तुलसी की माला व राम नाम समर्पित करें

संकटमोचन को तुलसी की माला भी चढ़ाई जाती है। इससे तुरंत ही हर तरह के कष्ट मिट जाते हैं। सुख-समृद्धि के द्वार खुल जाते हैं। मंगलवार के दिन हनुमान को तुलसी की माला चढ़ाने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति भी मज़बूत होती है। हनुमानजी को राम नाम बहुत प्रिय है। पीपल के पत्ते पर चमेली के तेल और सिंदूर से राम नाम लिखें और इसे हनुमान जी को अर्पित करें। इससे सभी तरह की समस्याएं सुलझ जाती हैं। पीपल के 11 पत्तों पर चंदन या कुमकुम से श्रीराम लिखें। इन पत्तों की माला बनाकर हनुमान जी को चढ़ाएं। इससे भी उनकी कृपा मिलती है।

लाल चंदन में केसर व लाल लंगोट का महत्व

लाल चंदन व लाल लंगोट से ऐसे करें हनुमान जी को प्रसन्न। संकटमोचन को लाल चंदन में केसर मिलाकर चढ़ाने से विवाद से मुक्ति मिलती है। ऐसा कम से कम 11 मंगलवार तक करें। इस दौरान घर में हनुमान चालीसा का भी पाठ करते रहें। लाल चंदन घिसा हुआ हुआ चाहिए। बाजार से लाया हुआ नहीं। सिंदूर व चमेली के तेल का दीपक जलाकर हनुमान जी को लाल लंगोट अर्पित करें। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलती है।

चोला चढ़ाने से मिलती है कोर्ट-कचहरी से मुक्ति

रोज हनुमान चालीसा पढ़ें। हर तीन माह में एक बार चोला चढ़ाएं। इससे जीवन में किसी भी प्रकार का संकट नहीं रहता है। चोला चढ़ाने से भूत-पिशाच, ग्रह बाधा, रोग, शोक, कोर्ट-कचहरी-जेल बंधन, मारण-सम्मोहन-उच्चाटन, घटना-दुर्घटना, कर्ज, तनाव या चिंता जैसी किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं रहती है।

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