खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ है बुध पुष्य नक्षत्र

261

इस बार पुष्य नक्षत्र 31 अक्टूबर दिन बुधवार को शुभ संयोग के साथ आ रहा है। पुष्य का अर्थ होता है पोषण, उर्जा और शक्ति प्रदान करने वाला। इस नक्षत्र को शुभ और कल्याणकारी माना गया है, जो शुभ-सुंदर, सुख- संपदा एवं सौभाग्य देने वाला है। सत्ताइस नक्षत्रों में आठवां नक्षत्र है पुष्य। सभी नक्षत्रों में इस नक्षत्र को सबसे अच्छा माना जाता है। सभी नए सामान की खरीदारी, सोना, चांदी की खरीदारी के लिए पुष्य नक्षत्र को सबसे पवित्र माना जाता है। ऐसा इसलिए कि चंद्रमा धन का देवता है। चंद्र कर्क राशि में स्वराशिगत माना जाता है। बारह राशियों में एकमात्र कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है और पुष्य नक्षत्र के सभी चरणों के दौरान ही चंद्रमा कर्क राशि में स्थित होता है। इसके अलावा चंद्रमा अन्य किसी राशि का स्वामी नहीं है। इसलिए पुष्य नक्षत्र को धन के लिए अत्यन्त पवित्र माना जाता है। जिस प्रकार वर्ण में ब्राह्मण उसी प्रकार नक्षत्र में पुष्य नक्षत्र को माना जाता है। यह सभी प्रकार का शुभ फल प्रदाता है। यदि गुरुवार को पुष्य नक्षत्र आता है तो यह गुरु पुष्य और रवि को रविपुष्य योग बन जाता है। जो जीवन को एक नयी दिशा प्रदान करता है। आज के दिन यदि कुछ संचय किया जाय तो यह जीवनपर्यंत कारगर होता है। किसी प्रकार का गृह वास्तु दोष हो तो उस दिन किया गया पूजा से विशेष लाभ प्राप्त होता है। खास कर यदि जातक अपनी राशि के अनुसार किसी प्रकार का सामान लेता है तो उसे विशेष लाभ प्राप्त होता है।


फलदायी क्यों::
पुष्य नक्षत्र सभी नक्षत्रों का राजा होता है। ऋग्वेद में इसे मंगलकर्ता कहा जाता है। यह समृद्धि दायक, शुभ फल प्रदान करने करने वाला है। इस बार  (31 अक्टूबर 2018) आज के दिन अमृतसिद्धि योग और वैदुर्ब योग बन रहा है।


किस राशि के लिए क्या शुभ ::

मेष और बृश्चिक : इस राशि के जातक ताम्र का या लाल वस्तु ले सकते हैं।
वृष और तुला : चांदी या सफेद वस्तु या अल्यूमीनियम की सामग्री लें।

मिथुन और कन्या : सोना या किसी प्रकार का भोज्य पदार्थ बनाने वाली सामग्री लें। फ्रीज़ या बर्तन भी ले सकते हैं।

कर्क :  चांदी या गिलट की बनी सामग्री लें। गणेश मूर्ति भी ले सकते हैं।

सिंह : ताम्र की सामग्री। सोना या बेड ले सकते हैं।

धनु और मीन : आप सोना या कोई इलेक्ट्रिक सामग्री ले सकते हैं।
मकर  या कुंभ : लोहा या वाहन ले सकते हैं।

आचार्य प्रणव मिश्रा
ज्योतिष रत्न बिजेता
आचार्यकुलम अरगोड़ा रांची

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here